रूस पर चौंकाया...भारत पहुंचते ही अमेरिका के विदेश मंत्री ने किया बड़ा धमाका, सब हैरान!

US
@DrSJaishankar
अभिनय आकाश । Oct 22 2026 12:33PM

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के दौरे से भारत और अमेरिका के संबंधों में सकारात्मक मोड़ आया है। रूबियो ने भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की सराहना की और कहा कि दोनों देश जल्द ही व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं। इसके साथ ही अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीद पर टैरिफ में राहत दी है।

ट्रंप की बेतुकी बहनबाजी को लेकर जिस तरह से भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास पैदा हो रही थी अब उसमें अचानक से ऐसा बदलाव आया है कि पूरी दुनिया हैरान हो गई है। क्योंकि जो ट्रंप अपने मन मुताबिक डील फाइनल कराने के लिए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए वह टेरिफ को हथियार बना रहे थे। लेकिन अचानक से ट्रंप के ऐसे तेवर बदले कि उन्होंने एक तरह से भारत के आगे सरेंडर कर दिया। दरअसल भारत से रिश्ते सुधारने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए ट्रंप ने अपनी टीम उतार दी है। इसी टीम में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी शामिल हैं जो अपनी पत्नी के साथ दो दिन के भारत दौरे पर आए। लेकिन जैसे ही वह भारत की धरती पर उतरे और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले तो उन्होंने धमाकेदार बयान देकर सबको चौंका दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारत को रिफाइनिंग के मामले में महाशक्ति बताते हुए वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में उसकी अहम भूमिका पर जोर दिया है। 

इसे भी पढ़ें: अभी के लिए, हमें रुकना होगा...यूक्रेन का 25% हिस्सा रूस को सौंपने के लिए तैयार जेलेंस्की!


रूबियों ने कहा है कि दोनों देश ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं और कुछ ही मुद्दों का समाधान बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही अच्छी खबर सामने आ सकती है और दोनों देश समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। भारत की तरफ से रूसी तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि भारत ने बार-बार अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाने की इच्छा व्यक्त की है जो कि एक समझदारी भरा कदम है। इसे एक दिन में रातोंरात करना आसान नहीं है। यह सिर्फ रूसी तेल का मामला नहीं है। यह भारत की ऊर्जा स्रोतों और विविध बनाने की इच्छा के बारे में और हमें लगता है कि हम इसकी ऊर्जा जरूरतों के कुछ स्रोतों की आपूर्ति कर सकते हैं। दरअसल रूबियों की यात्रा को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत और अमेरिका के बीच रूसी तेल की खरीद और टेरिफ को लेकर अहम बातचीत चल रही है। अमेरिकी टेरिफ और बाजार तक पहुंच को लेकर महीनों से बातचीत अटकी हुई थी। भारत की रूस से कच्चे तेल की खरीद अमेरिका के साथ रिश्तों में तनाव का एक प्रमुख मुद्दा रही है। अमेरिकी प्रशासन ने पहले रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टेरिफ लगाने की संभावना जताई थी।

इसे भी पढ़ें: भारत-अमेरिका की मीटिंग में अचानक पहुंचा UAE, फिर हुआ बड़ा खेल! चौंके मुस्लिम देश

लेकिन हाल ही में ट्रंप ने रूस से तेल और गैस की खरीद से जुड़े मामलों में भारत को टेरिफ से बड़ी राहत देते हुए अतिरिक्त टेरिफ या नए 100% वाले टेरिफ पर छूट का ऐलान किया था। लेकिन अब रूबियों ने अपने बयानों में संकेत दिया है कि दोनों देश व्यापार समझौते को लेकर गंभीर हैं और बातचीत को जल्द नतीजे तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। कुल मिलाकर साफ है कि अमेरिका भारत से डील करने के पूरे मूड में है। 
 

All the updates here:

अन्य न्यूज़