ईरान ने US Navy पर दागीं मिसाइलें तो अमेरिका ने 3 तेल टैंकर उड़ा दिए! ट्रंप की धमकी के बाद बड़ा एक्शन

अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर मिसाइल हमले के प्रयास के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन कच्चे तेल टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिकी कमान के अनुसार ये टैंकर रिवोल्यूशनरी गार्ड के आर्थिक नेटवर्क से जुड़े थे। इस सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह कार्रवाई तब की गई जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने क्षेत्रीय जल क्षेत्र में गश्त कर रहे दो अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि एक एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने ईरान के कई कथित हमलों से खुद को सफलतापूर्वक बचाया।
ईरान के 3 तेल टैंकरों को बनाया निशाना
अमेरिकी कमांड के अनुसार, ईरानी हमले की कोशिश के बाद अमेरिकी सेना ने एमटी डौनी (M/T Downy) और एमटी स्टार्क 1 (M/T Stark 1) नाम के दो IRGC क्रूड ऑयल टैंकरों को नष्ट कर दिया। इनमें से एक को खार्ग आइलैंड के पास और दूसरे को जास्क के नजदीक निशाना बनाया गया।
इसके अलावा एक खाली तेल टैंकर एमटी काइलो को ओमान की खाड़ी में निष्क्रिय कर दिया गया। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई में किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा।
— U.S. Central Command (@CENTCOM) September 5, 2026
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IRGC की फंडिंग से जुड़े थे टैंकर?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि ये तीनों टैंकर अरबों डॉलर के एक कथित ‘शैडो नेटवर्क’ का हिस्सा थे। अमेरिका के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए IRGC और उससे जुड़े संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाई जाती है।
सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के तेल बेड़े को भी निशाना बना सकता है। कूपर के मुताबिक, अगर IRGC अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है तो उसे इसकी और बड़ी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
ईरान ने भी अमेरिका पर लगाया टैंकर हमले का आरोप
इस बीच ईरान ने अमेरिका पर खार्ग आइलैंड के पास एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला करने का आरोप लगाया है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है और टैंकर के चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। यानी दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगाए जा रहे हैं और तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है।
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ट्रंप पहले ही दे चुके थे खार्ग आइलैंड को लेकर चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक छोटा सा पोस्ट किया था। इसके साथ शेयर किए गए एआई से बनाए वीडियो में उन्होंने खार्ग आइलैंड को “उड़ा देने” की बात कही थी। खार्ग आइलैंड ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश के कच्चे तेल के निर्यात का प्रमुख केंद्र है।
ईरान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है खार्ग आइलैंड?
ईरान ओपेक का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है और अपने कच्चे तेल के निर्यात के लिए खार्ग आइलैंड पर काफी निर्भर है। अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने से पहले ईरान के करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल के निर्यात के लिए खार्ग आइलैंड प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट के तौर पर काम करता था। ऐसे में इस इलाके पर किसी भी तरह का हमला ईरान के तेल निर्यात और उसकी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।
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