ताइवान ने बीच समुंदर चीन को खदेड़ा, जबरदस्त टक्कर के बाद ऐसा है माहौल!

China
ANI
अभिनय आकाश । Oct 22 2026 7:53PM

चीन द्वारा ताइवान के आसपास नौसेना, कोस्ट गार्ड और समुद्री मिलेशिया की गतिविधियां बढ़ाने से दोनों पक्षों में टकराव बढ़ गया है। ताइवान ने रणनीतिक पूर्वी समुद्री क्षेत्र में चीनी मौजूदगी पर गहरी चिंता जताते हुए इसे सुरक्षा के लिए चुनौती बताया है। वहीं चीन अपनी इन गतिविधियों को वैध मानता है, जिसका ताइवान लगातार विरोध कर रहा है।

ताइवान पर दबाव बढ़ाने के लिए समुद्र में अपनी गतिविधियां तेज कर रहा है। यही वजह है कि दोनों पक्षा के बीच टकराव तेज होती चली जा रही है। ताइवान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने 22 अक्टूबर को चेतावनी दी कि द्वीप के आसपास चीनी सेना और कोस्ट गार्ड की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। ताइवान की चिंता सिर्फ युद्धपोतों को लेकर नहीं है बल्कि चीन की समुद्री मिलेशिया नौकाओं और शोध जहाजों की गतिविधियां भी उसके लिए चिंता का विषय बन गई हैं। ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो के महानिदेशक साई मिंगयेन ने संसद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में चीन के कोस्ट गार्ड की गतिविधियां अब धीरे-धीरे नियमित होती जा रही हैं। जून में चीन ने इस इलाके में तथाकथित कानून प्रवर्तन गश्त शुरू की थी। अब इन गश्तों के दौरान चीनी शोध जहाजों की मौजूदगी भी अक्सर देखी जा रही है। 

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ये ताइवान के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि द्वीप के पूर्वी हिस्से को संभावित संकट की स्थिति में रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है। इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी ताइवान की समुद्री निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर सकती है। साई मिंगयेन ने खासतौर पर ताइवान के पूर्वी और दक्षिण पश्चिमी समुद्री क्षेत्रों में चीनी समुद्री मिलेशिया नौकाओं की मौजूदगी पर चिंता जताई। समुद्री मिलेशिया ऐसी नौकाओं और उनके चालक दल को कहा जाता है जो सामान्य नागरिक या मछली पकड़ने वाले जहाजों जैसे दिखाई दे सकते हैं। लेकिन कुछ परिस्थितियों में चीन की समुद्री रणनीति और सरकारी गतिविधियों में भूमिका निभाते हैं। ताइवान की आशंका है कि चीन केवल अपनी नियमित नौसेना के दम पर दबाव बनाने की तैयारी नहीं कर रहा बल्कि सेना, कोस्ट गार्ड और नागरिक जहाजों जैसी अलग-अलग क्षमताओं को एक साथ इस्तेमाल करने का अभ्यास भी कर सकता है। इस रणनीति के तहत चीन समुद्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर ताइवान की निगरानी व्यवस्था पर दबाव डाल सकता है। जहाजों की आवाजाही को चुनौती दे सकता है और संकट के समय समुद्री रास्तों पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर सकता है। 

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चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसके आसपास अपनी गतिविधियों को वैध बताता है। बीजिंग का कहना है कि ताइवान के पूर्वी तट के पास उसका अभियान वैध और कानून सम्मत है क्योंकि उसके अनुसार यह चीनी झलक क्षेत्र है। दूसरी ओर ताइवान की सरकार चीन के इस दावे को खारिज करती है। ताइवान अपनी सरकार, प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था के साथ स्वशासित है और चीन के सैन्य दबाव का लगातार विरोध करता रहा है।
 

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