दुनिया की 'लाइफलाइन' पर बारूदी हमला! होर्मुज़ में तेल टैंकर को बम से उड़ाया, धधकते समंदर के बीच ईरान पर गहराया शक

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) सेंटर के अनुसार, टैंकर को ओमान में लिमाह के पास तब निशाना बनाया गया जब वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर ओमान की खाड़ी की तरफ जा रहा था। बताया जा रहा है कि हमला जहाज के बाईं ओर (पोर्ट साइड) हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई।
दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में मंगलवार सुबह एक कमर्शियल तेल टैंकर पर भीषण हमला हुआ। ओमान के तट के पास हुए इस हमले के बाद जहाज में आग लग गई। इस घटना ने फारस की खाड़ी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर अलार्म बजा दिया है और वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने की आशंकाओं के बीच ईरान के साथ तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) सेंटर के अनुसार, टैंकर को ओमान में लिमाह के पास तब निशाना बनाया गया जब वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर ओमान की खाड़ी की तरफ जा रहा था। बताया जा रहा है कि हमला जहाज के बाईं ओर (पोर्ट साइड) हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई। अधिकारियों ने कहा कि घटना से पर्यावरण पर कोई असर नहीं पड़ा है और हमले के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली, शक ईरान पर
हमले की जिम्मेदारी तुरंत किसी संगठन ने नहीं ली। हालांकि, हाल के दिनों में ओमान के पास इसी तरह के रास्ते से गुजरने वाले कम से कम दो अन्य जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान पर शक जताया गया है। यह ताजा घटना ऐसे समय में हुई है जब इलाके में तनाव बढ़ा हुआ है और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से अहम हो गई हैं। हालांकि अधिकारियों ने मंगलवार के हमले के लिए आधिकारिक तौर पर किसी देश को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, लेकिन हमले के समय ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में हो रही गतिविधियों पर नज़र बढ़ा दी है।
ईरान ने होर्मुज़ से गुजरने वाले तेल टैंकरों को चेतावनी दी थी
यह हमला ईरान की संयुक्त सैन्य कमान द्वारा पिछले गुरुवार (2 जुलाई) को जारी चेतावनी के बाद हुआ है। खातम अल-अंबिया सैन्य कमान ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी तेल टैंकरों को ईरान द्वारा मंजूर किए गए रास्तों का इस्तेमाल करना होगा, वरना उन्हें "कड़ी कार्रवाई" का सामना करना पड़ सकता है। ईरानी सरकारी टीवी पर प्रसारित इस बयान ने दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा परिवहन कॉरिडोर से जुड़े बयानों में काफी तेजी ला दी है।
यह चेतावनी कतर में मध्यस्थों के जरिए अमेरिकी और ईरानी राजनयिकों के बीच बातचीत के ठीक बाद जारी की गई थी, जहां ईरान विवाद का स्थायी समाधान खोजने की कोशिशें जारी हैं। यह अभी साफ नहीं है कि ईरान की इस ताजा चेतावनी की वजह क्या थी।
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अमेरिका ने स्वतंत्र आवाजाही के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने बहरीन में हुई बैठक के दौरान मध्य-पूर्वी देशों के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया। CENTCOM ने एक बयान में कहा कि क्षेत्रीय नेताओं ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से व्यापार के निर्बाध प्रवाह के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। इससे वैश्विक व्यापार के लिए इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खुला रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जारी रहने का संकेत मिलता है।
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होर्मुज़ जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?
होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री 'चोकपॉइंट्स' (संकरे और अहम समुद्री रास्तों) में से एक माना जाता है। यहाँ से हर दिन दुनिया भर में कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की बड़ी मात्रा में शिपमेंट गुज़रती है। इस जलमार्ग में किसी भी तरह की रुकावट से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ार, वैश्विक शिपिंग संचालन और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। चूँकि राजनयिक बातचीत अभी भी जारी है और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ रही हैं, इसलिए उम्मीद है कि ताज़ा हमले से इस क्षेत्र की स्थिरता पर ध्यान और बढ़ेगा।
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