फेसलेस जांच से करदाताओं की शिकायतों का बोझ कम होगा, निष्पक्षता बढ़ेगी: सीतारमण

उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने कई सुधार किए हैं, जिसमें मौजूदा विनिर्माण इकाइयों के लिए कॉरपोरेट कर की दर 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करना शामिल है। करदाताओं को विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं और रियायतों के बारे में आयकर विभाग ने ट्वीट कर जानकारी भी दी है।
कर मामलों में बिना आमना सामना के अपील (फेसलेस अपील) की सुविधा 25 सितंबर यानी दीन दयाल उपाध्याय के जन्मदिन से पूरे देशभर में नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी। सीतारमण ने कहा, ‘‘आज कर प्रशासन के इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण दिन है।’’ साथ ही उन्होंने जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी का इरादा करदाताओं को सशक्त बनाने, एक पारदर्शी प्रणाली तैयार करने और ईमानदार करदाताओं के सम्मान करने का है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘इस मकसद को साकार करने के लिए सीबीडीटी ने एक मसौदा तैयार किया है और इस मंच के रूप में एक नई प्रणाली को लागू किया गया है, जिसके जरिए कर प्रशासन को पारदर्शी, कुशल और जवाबदेह बनाया गया है। यह मंच तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और कृत्रिम मेघा का इस्तेमाल भी करता है।’’Take a look at the features of the Faceless Assessment Scheme. #HonoringTheHonest pic.twitter.com/MEuosxAO4N
— MyGovIndia (@mygovindia) August 13, 2020
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उन्होंने कहा कि यह मंच करदाताओं की शिकायतों के बोझ को कम करता है और कामकाज को आसान बनाता है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने कई सुधार किए हैं, जिसमें मौजूदा विनिर्माण इकाइयों के लिए कॉरपोरेट कर की दर 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करना शामिल है। करदाताओं को विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं और रियायतों के बारे में आयकर विभाग ने ट्वीट कर जानकारी भी दी है।
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